Saturday, April 4, 2009

ram rajaya ek kavita

रामराज्य

कौन कहता है
रामराज्य इतिहास की बात है ..?
आदर्शों की दुहाई देकर
घिसे- पिटे राग अलापने से भला
कौन सिद्ध कर सका है की
रामराज्य अब नहीं रहा ...?

सूरज सुबह निकल कर चलता है
रुकता नहीं
थकता नहीं
शाम को अस्त हो जाता है
---- रात के अंधरे को देख कर
हताश हो जाना
निराश हो जाना
और यह सिद्ध करने की
कोशिश करना की
रामराज्य का सूर्य भी अस्त हो चुका है
___ कितनी नासामजी की बात है ....!

आशा त्याग देना
जीवन की परिभाषा नहीं !
रात का अँधियारा तो बीते कल की बात है !
देखो सूरज उगा है
चल रहा है निरंतर --
रामराज्य की मानिंद
शान से
नए-नए मान स्थापित करता
__रामराज्य भला ऐसे में
कैसे इतिहास के दबे पन्नो
पर छिपा हो सकता है ?
रामराज्य आज भी है
__ तभी तो प्रजातंत्र की बात
मैं -आप- सभी करतें हैं !
क्या आज हमें अपनी बात कहने का अधिकार नहीं ?
क्या आज आप अपने राजा के द्वार
अर्धरात्रि को नहीं खटखटा सकते ...?
अररे ...!
राम राज्य तो कितनी उन्नति कर चुका है !
आज आप न केवल अपने राजा के द्वार खटखटा सकते हैं
बल्कि उसे अपनी गाडी में बिठा कर करमचारिओं को आदेश दिलाने
उसे उनके घर तक ले जा सकते हैं !
फिर भी कहते हैं रामराज्य बीते युग की बात है ?
राजा राम को तो पुश्तैनी गद्धी मिली थी
वह भी कठोर बनवास के बाद
और आज __-?
आज आप अपना राजा स्वयम चुनते हैं !
___चाहे कोई जेल में हो
___कोई डाकू बन कर जन-जन
को लूटता हो
___ कोई स्मगलर
__- कोई मौत का ठेकेदार
___ स्मैक -अफीम के भंडारों का करता हो व्यापार
___-मर्जी जिस पर आये
उसे अपने जीवन का ताज पहना सकते हैं
जो मन को ना भाये
उसे गद्दी से उतार फेंक सकते हैं !
फिर भी कहते हैं राम राज्य इतिहास के बात है ?

कोई है ,कोई है जो सिद्ध कर सके की राजा
मैने नहीं , तुमने नहीं बल्कि पैसे की ताकत ने
गुंडागर्दी और आतंक ने चुना है ?
अररे ...! यह तो राम राज्य को बदनाम करने की चाल है !
देखते नहीं रोज चुनाव होते हैं
सारी की सारी सरकारी मशीनरी
वोटों की गिनिती करती है !
दूर दराज के गावों में
जहां केवल दो प्राणी बसते हैं
कई सारे हाथ जोड़ कर पहुंचते हैं
के तुम जनता जनार्दन हो
जिसे चाहे चुन लो , जिसे चाहे दुत्कार दो !
__-हम तो सेवक हैं तुम्हारे
__-दास हैं तुम्हारे
___राजा नहीं !
राजा की परिभाषा तो दूसरी है
___-राजा प्रज्जा का सेवक है !
__ओर यही राम राज्य का मूल सिधांत है !
तभी तो कहता हूँ की राम राज्य
बीते कल की नहीं
इतिहास की नहीं
आज की बात है !
रामराज्य आज भी मेरे देश का ताज है .....!

अश्वनी कपूर

--
ashwani kapoor
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